गढ़वाल सभा प्रवासी उत्तराँचल वासियों स्थापित की गई एक सामाजिक व साँस्क्रतिक संस्था है, जिसमें समाज के और कर्मठ लोगो सन १९६७ में सहसहमति के साथ इस सभा का गठन किया गया जो उत्तराँचल वासियों का असीम प्रेम, सहयोंग व समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लिये किये गये अथक प्रयास व कर्मठता का एक जीता जागता उदाहरण है, तथा अनेकता में एकता को दर्शाता है,
इस संस्था को सुचारु व सुनियोजित ढंग से चलाने हेतु निम्न पंदों का गढन किया गया तथा समय-समय पर इन पंदों के लिए चुनाव होते रहे । पहले चुनाव होते थे व वर्तमान में त्रिवार्षिक होते हैं।
शुरु में सभा की गातिविधियों को आगे बढाते हुये प्रतिवर्ष रामलीला का मंचन किया गया और उत्तराँचल के सभी निवासी रामलीला के मंचन आपस में एक दूसरे के साथ व सभा से जुडते गये, तत्पश्चात इस सभा २-सी एन. आई टी में एक कार्यालय बनाया गया जिसमें सभी उत्तराँचलवासी अपने विचारों का आदान – प्रदान कर सभा को सफ़लतापूर्वक आगे बढाने का प्रयास करते रहे और सभी के अथक परिश्रम के पश्चात इस सभा का पंजीकरण १९७३ में चंडीगढ में किया गया जिसका पंजीकरण न. ७३ है,
आप सभी आजीवन सदस्यों एवं कॉलेजियम सदस्यों का “टीम राकेश घिल्डियाल” को भारी बहुमत से विजयी बनाने के लिए कोटि कोटि धन्यवाद । आशा है आप सभी मिलजुल कर अपनी संस्था और स्कूल को मजबूत बनाने में इसी प्रकार का सहयोग प्रदान करोगे । इसी तरह “एकजुट एकमुठ” के साथ आगे बढ़ेंगे, कोई भी कार्य अकेले नहीं किया जाता आपसी सहयोग से करङ्गे। अगर हमसे कोई भूल चूक हो गयी हो किसी के मान सम्मान में कोई कमी रह गयी हो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं । आपका : “टीम राकेश घिल्डियाल”